श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 57: संजयद्वारा पाण्डवोंकी युद्धविषयक तैयारीका वर्णन, धृतराष्ट्रका विलाप, दुर्योधनद्वारा अपनी प्रबलताका प्रतिपादन, धृतराष्ट्रका उसपर अविश्वास तथा संजयद्वारा धृष्टद्युम्नकी शक्ति एवं संदेशका कथन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  5.57.2 
संजय उवाच
मुख्यमन्धकवृष्णीनामपश्यं कृष्णमागतम्।
चेकितानं च तत्रैव युयुधानं च सात्यकिम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा- हे राजन्! मैंने देखा कि वृष्णि और अंधक वंश के मुखिया भगवान कृष्ण वहां आये थे। चेकितान और युयुधान सात्यकि भी वहां उपस्थित थे।
 
Sanjaya said- O King! I saw that Lord Krishna, the head of the Vrishni and Andhaka clans, had arrived there. Chekitana and Yuyudhaana Satyaki were also present there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)