श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 57: संजयद्वारा पाण्डवोंकी युद्धविषयक तैयारीका वर्णन, धृतराष्ट्रका विलाप, दुर्योधनद्वारा अपनी प्रबलताका प्रतिपादन, धृतराष्ट्रका उसपर अविश्वास तथा संजयद्वारा धृष्टद्युम्नकी शक्ति एवं संदेशका कथन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  5.57.19 
दुर्योधनसुता: सर्वे तथा दु:शासनस्य च।
सौभद्रेण कृतो भागो राजा चैव बृहद्‍बल:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
दुर्योधन और दुशासन के सभी पुत्र तथा सुभद्रा के पुत्र राजा बृहद्बल भी अभिमन्यु के हिस्से में आये।
 
All the sons of Duryodhana and Dushasan, as well as King Brihadbala, the son of Subhadra, have fallen in the share of Abhimanyu.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)