श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 57: संजयद्वारा पाण्डवोंकी युद्धविषयक तैयारीका वर्णन, धृतराष्ट्रका विलाप, दुर्योधनद्वारा अपनी प्रबलताका प्रतिपादन, धृतराष्ट्रका उसपर अविश्वास तथा संजयद्वारा धृष्टद्युम्नकी शक्ति एवं संदेशका कथन  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  5.57.18 
तेषामेव कृतो भागो मालवा: शाल्वकास्तथा।
त्रिगर्तानां चैव मुख्यौ यौ तौ संशप्तकाविति॥ १८॥
 
 
अनुवाद
मालव, शाल्व और त्रिगर्त देशों के सैनिक तथा संशप्तक सेना के दो प्रमुख योद्धा भी केकयराज के पुत्रों के भाग में आ गए हैं॥18॥
 
The soldiers from Malava, Shalva and Trigarta countries and the two leading warriors of the Sanshaptaka army have also been assigned the share of the sons of Kekaya king.॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)