Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.57.17: केकय राजकुमारों के पाँचों भाई भी महान धनुर्धर हैं। वे केकय देश के योद्धाओं को अपना शत्रु मानकर युद्धभूमि में युद्ध करेंगे॥17॥ | mahabharat अध्याय 5.57: संजयद्वारा पाण्डवोंकी युद्धविषयक तैयारीका वर्णन, धृतराष्ट्रका विलाप, दुर्योधनद्वारा अपनी प्रबलताका प्रतिपादन, धृतराष्ट्रका उसपर अविश्वास तथा संजयद्वारा धृष्टद्युम्नकी शक्ति एवं संदेशका कथन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
केकय राजकुमारों के पाँचों भाई भी महान धनुर्धर हैं। वे केकय देश के योद्धाओं को अपना शत्रु मानकर युद्धभूमि में युद्ध करेंगे॥17॥
The five brothers of the Kekaya princes are also great archers. They will fight in the battlefield considering the Kekaya country warriors as their own enemies.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥