श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 57: संजयद्वारा पाण्डवोंकी युद्धविषयक तैयारीका वर्णन, धृतराष्ट्रका विलाप, दुर्योधनद्वारा अपनी प्रबलताका प्रतिपादन, धृतराष्ट्रका उसपर अविश्वास तथा संजयद्वारा धृष्टद्युम्नकी शक्ति एवं संदेशका कथन  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  5.57.12 
भीष्म: शान्तनवो राजन् भाग: क्लृप्त: शिखण्डिन:।
तं विराटोऽनुसंयाता सार्धं मत्स्यै: प्रहारिभि:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
राजन! शान्तनुपुत्र भीष्म के वध का कार्य शिखण्डी को सौंपा गया है। राजा विराट मत्स्य देश के योद्धाओं के साथ शिखण्डी की सहायता के लिए उसके पीछे चलेंगे।॥12॥
 
King! The task of killing Shantanu's son Bhishma has been assigned to Shikhandi. King Virata will follow Shikhandi along with the warriors of Matsya country to help him.॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)