Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.56.17: उत्तम नस्ल के, समान वेगवान, विचित्र रूप-रंग वाले, आयु और बल में पूर्वोक्त घोड़ों के समान ही, सुभद्रापुत्र अभिमन्यु सहित द्रौपदी के पुत्रों का भार ढोने वाले घोड़े भी देवताओं द्वारा ही प्रदान किए गए हैं॥17॥ | mahabharat अध्याय 5.56: संजयद्वारा अर्जुनके ध्वज एवं अश्वोंका तथा युधिष्ठिर आदिके घोड़ोंका वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उत्तम नस्ल के, समान वेगवान, विचित्र रूप-रंग वाले, आयु और बल में पूर्वोक्त घोड़ों के समान ही, सुभद्रापुत्र अभिमन्यु सहित द्रौपदी के पुत्रों का भार ढोने वाले घोड़े भी देवताओं द्वारा ही प्रदान किए गए हैं॥17॥
Horses of the best breed, equally fast and of strange appearance and colour, similar to the aforementioned horses in age and strength, carry the load of Draupadi's sons including Subhadra's son Abhimanyu. Those huge horses too have been gifted by the gods.॥ 17॥
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि यानसंधिपर्वणि संजयवाक्ये षट्पञ्चाशत्तमोऽध्याय:॥ ५६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत यानसंधिपर्वमें संजयवाक्यविषयक छप्पनवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ५६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥