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mahabharat 5.55.60-61h: हे शत्रुओं को संताप देने वाले भरतपुत्र! अर्जुन और भीमसेन के मारे जाने के बाद शत्रु खेमे में दूसरा कौन वीर योद्धा है जो युद्ध कर सके? यदि आप किसी को जानते हों, तो कृपया मुझे बताएँ। 60 1/2   |   mahabharat अध्याय 5.55: धृतराष्ट्रको धैर्य देते हुए दुर्योधनद्वारा अपने उत्कर्ष और पाण्डवोंके अपकर्षका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.55.60-61h 
भीमसेने च निहते कोऽन्यो युध्येत भारत॥ ६०॥
परेषां तन्ममाचक्ष्व यदि वेत्थ परंतप।
 
 
अनुवाद
हे शत्रुओं को संताप देने वाले भरतपुत्र! अर्जुन और भीमसेन के मारे जाने के बाद शत्रु खेमे में दूसरा कौन वीर योद्धा है जो युद्ध कर सके? यदि आप किसी को जानते हों, तो कृपया मुझे बताएँ। 60 1/2
 
O son of Bharata, who torments the enemies! After Arjuna and Bhimasena are killed, who is the other brave warrior in the enemy camp who can fight? If you know anyone, please tell me. 60 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)