Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.55.50-51: महाराज! अश्वत्थामा के पिता, माता और मामा, ये तीनों अयोनिज हैं। अश्वत्थामा भी वीर है और मेरे समीप स्थित है। राजन! ये सभी योद्धा देवताओं के समान पराक्रमी और निपुण हैं। 50-51॥ | mahabharat अध्याय 5.55: धृतराष्ट्रको धैर्य देते हुए दुर्योधनद्वारा अपने उत्कर्ष और पाण्डवोंके अपकर्षका वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अयोनिजास्त्रयो ह्येते पिता माता च मातुल:॥ ५०॥
अश्वत्थाम्नो महाराज स च शूर: स्थितो मम।
सर्व एते महाराज देवकल्पा महारथा:॥ ५१॥
अनुवाद
महाराज! अश्वत्थामा के पिता, माता और मामा, ये तीनों अयोनिज हैं। अश्वत्थामा भी वीर है और मेरे समीप स्थित है। राजन! ये सभी योद्धा देवताओं के समान पराक्रमी और निपुण हैं। 50-51॥
Maharaj! Ashwatthama's father, mother and maternal uncle, all three are Ayonij. Ashwatthama is also a brave man and is situated by my side. Rajan! All these warriors are as mighty and expert as the gods. 50-51॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥