श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 55: धृतराष्ट्रको धैर्य देते हुए दुर्योधनद्वारा अपने उत्कर्ष और पाण्डवोंके अपकर्षका वर्णन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  5.55.16 
ते राज्ञो धृतराष्ट्रस्य सामात्यस्य महारथा:।
वैरं प्रतिकरिष्यन्ति कुलोच्छेदेन पाण्डवा:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
अतः महाबली पाण्डव योद्धा अपने मन्त्रियों सहित राजा धृतराष्ट्र के सम्पूर्ण कुल का नाश करके अपने शत्रुता का बदला लेंगे।॥16॥
 
“Therefore the mighty Pandava warriors, along with their ministers, will avenge their enmity by destroying the entire clan of King Dhritarashtra.”॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)