Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.52.8-9h: निश्चय ही द्रोणाचार्य और कर्ण के मारे जाने पर हमारा पक्ष शान्त हो जाएगा अथवा अर्जुन के मारे जाने पर पाण्डव शांत हो जाएँगे, किन्तु अर्जुन को मारने वाला कोई नहीं है, उसे पराजित करने वाला भी संसार में कोई नहीं है। मेरे मंदबुद्धि पुत्रों के प्रति उनके हृदय में जो क्रोध उत्पन्न हुआ है, वह कैसे शान्त होगा?॥8 1/2॥ | mahabharat अध्याय 5.52: धृतराष्ट्रद्वारा अर्जुनसे प्राप्त होनेवाले भयका वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वधे नूनं भवेच्छान्तिस्तयोर्वा फाल्गुनस्य च।
न तु हन्तार्जुनस्यास्ति जेता चास्य न विद्यते॥ ८॥
मन्युस्तस्य कथं शाम्येन्मन्दान् प्रति य उत्थित:।
अनुवाद
निश्चय ही द्रोणाचार्य और कर्ण के मारे जाने पर हमारा पक्ष शान्त हो जाएगा अथवा अर्जुन के मारे जाने पर पाण्डव शांत हो जाएँगे, किन्तु अर्जुन को मारने वाला कोई नहीं है, उसे पराजित करने वाला भी संसार में कोई नहीं है। मेरे मंदबुद्धि पुत्रों के प्रति उनके हृदय में जो क्रोध उत्पन्न हुआ है, वह कैसे शान्त होगा?॥8 1/2॥
Certainly, after the killing of Dronacharya and Karna, our side will calm down or after Arjuna is killed, the Pandavas will calm down, but there is no one who can kill Arjuna, there is no one in the world who can defeat him either. How will the anger that has arisen in their hearts against my dim-witted sons be calmed?॥ 8 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥