Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.52.20: उस समय मैं महल में बैठकर कौरवों की नाना प्रकार की परिस्थितियों की कथा बार-बार सुनूँगा। ओह! युद्ध के कगार पर, भरतवंश का विनाश तो सब ओर से निश्चित ही आ पहुँचा है। | mahabharat अध्याय 5.52: धृतराष्ट्रद्वारा अर्जुनसे प्राप्त होनेवाले भयका वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय मैं महल में बैठकर कौरवों की नाना प्रकार की परिस्थितियों की कथा बार-बार सुनूँगा। ओह! युद्ध के कगार पर, भरतवंश का विनाश तो सब ओर से निश्चित ही आ पहुँचा है।
At that time, sitting in the palace, I will repeatedly listen to the stories of the various conditions of the Kauravas. Oh! At the brink of war, the destruction of the Bharata dynasty has certainly arrived from all sides.
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि यानसंधिपर्वणि धृतराष्ट्रवाक्ये द्विपञ्चाशत्तमोऽध्याय:॥ ५२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत यानसंधिपर्वमें धृतराष्ट्रवाक्यविषयक बावनवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ५२॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥