Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.51.61: जैसे ग्रीष्म ऋतु में प्रज्वलित अग्नि वायु के सहयोग से घास और वनों को जलाकर राख कर देती है, उसी प्रकार पाण्डवपुत्र भीम हाथ में गदा लेकर अर्जुन सहित मेरे समस्त पुत्रों को मार डालेगा। | mahabharat अध्याय 5.51: भीमसेनके पराक्रमसे डरे हुए धृतराष्ट्रका विलाप । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे ग्रीष्म ऋतु में प्रज्वलित अग्नि वायु के सहयोग से घास और वनों को जलाकर राख कर देती है, उसी प्रकार पाण्डवपुत्र भीम हाथ में गदा लेकर अर्जुन सहित मेरे समस्त पुत्रों को मार डालेगा।
Just as a fire blazing in summer, with the help of wind, burns the grass and forests to ashes, in the same way Pandava's son Bhima, with mace in his hand, will kill all my sons, including Arjuna. 61.
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि यानसंधिपर्वणि धृतराष्ट्रवाक्ये एकपञ्चाशत्तमोऽध्याय:॥ ५१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत यानसंधिपर्वमें धृतराष्ट्रवाक्यविषयक इक्यावनवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ५१॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥