Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.51.60: हे प्रिये! यदि मेरे सौ पुत्र युद्ध में मारे गए, तो मुझे उनकी अनाथ पत्नियों का करुण क्रंदन सुनना पड़ेगा। हाय! मैं कैसे मर सकता हूँ?॥60॥ | mahabharat अध्याय 5.51: भीमसेनके पराक्रमसे डरे हुए धृतराष्ट्रका विलाप । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रिये! यदि मेरे सौ पुत्र युद्ध में मारे गए, तो मुझे उनकी अनाथ पत्नियों का करुण क्रंदन सुनना पड़ेगा। हाय! मैं कैसे मर सकता हूँ?॥60॥
O dear! If my hundred sons are killed in the war, then I will be forced to listen to the pitiful cries of their orphaned wives. Alas! How can I die?॥ 60॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥