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श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 51: भीमसेनके पराक्रमसे डरे हुए धृतराष्ट्रका विलाप  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  5.51.49 
यथैषां मामकास्तात तथैषां पाण्डवा अपि।
पौत्रा भीष्मस्य शिष्याश्च द्रोणस्य च कृपस्य च॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
हे प्रिये! उनके लिए पाण्डव मेरे पुत्रों के समान हैं। वे दोनों भीष्म के पौत्र तथा द्रोण और कृप के शिष्य हैं। 49.
 
O dear! For them the Pandavas are like my sons. Both of them are grandsons of Bhishma and disciples of Drona and Kripa. 49.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)