Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.51.40: परन्तु पाण्डुपुत्र वीर भीमसेन अपनी भुजाओं से सुशोभित होकर शीघ्रतापूर्वक वहाँ गए और बिना किसी अस्त्र का प्रयोग किए ही जरासन्ध को यमलोक भेज दिया। इससे बढ़कर और कौन-सा पराक्रम हो सकता है? ॥40॥ | mahabharat अध्याय 5.51: भीमसेनके पराक्रमसे डरे हुए धृतराष्ट्रका विलाप । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
परन्तु पाण्डुपुत्र वीर भीमसेन अपनी भुजाओं से सुशोभित होकर शीघ्रतापूर्वक वहाँ गए और बिना किसी अस्त्र का प्रयोग किए ही जरासन्ध को यमलोक भेज दिया। इससे बढ़कर और कौन-सा पराक्रम हो सकता है? ॥40॥
But the valiant Bhima, son of Pandu, adorned with his arms, went there swiftly and sent Jarasandha to Yamaloka without using any weapon. What valour could be greater than this? ॥ 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥