Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.51.23: प्रिय संजय! जो भीमसेन सदैव क्रोध में भरे रहते हैं, वे योद्धाओं में श्रेष्ठ हैं। जब उन्होंने मेरे पुत्रों के विरुद्ध आचरण किया था, तब मैंने पहले भी अनेक बार उनका अपमान किया है॥ 23॥ | mahabharat अध्याय 5.51: भीमसेनके पराक्रमसे डरे हुए धृतराष्ट्रका विलाप । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रिय संजय! जो भीमसेन सदैव क्रोध में भरे रहते हैं, वे योद्धाओं में श्रेष्ठ हैं। जब उन्होंने मेरे पुत्रों के विरुद्ध आचरण किया था, तब मैंने पहले भी अनेक बार उनका अपमान किया है॥ 23॥
Dear Sanjaya! Bhimasena, who is always full of anger and is indignant, is the best among the warriors. I have insulted him many times before when he behaved against my sons.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥