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mahabharat 5.51.22: यह महाबली भीमसेन अत्यन्त वीरता दिखाते हुए क्रोध में आकर युद्धस्थल में अपने लौहदण्ड से मेरे रथों, हाथियों, पैदलों और घोड़ों को नष्ट कर देगा।   |   mahabharat अध्याय 5.51: भीमसेनके पराक्रमसे डरे हुए धृतराष्ट्रका विलाप   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 51: भीमसेनके पराक्रमसे डरे हुए धृतराष्ट्रका विलाप  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  5.51.22 
आयसेन स दण्डेन रथान् नागान् नरान् हयान्।
हनिष्यति रणे क्रुद्धो रौद्र: क्रूरपराक्रम:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
यह महाबली भीमसेन अत्यन्त वीरता दिखाते हुए क्रोध में आकर युद्धस्थल में अपने लौहदण्ड से मेरे रथों, हाथियों, पैदलों और घोड़ों को नष्ट कर देगा।
 
This fierce Bhimasena, displaying ruthless valour, in anger will destroy my chariots, elephants, foot soldiers and horses with his iron rod on the battlefield. 22
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)