Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.51.15-16h: संजय! मुझे वीर भीमसेन का समाचार सुनाओ। मैं इसे अपना सबसे बड़ा सौभाग्य मानता हूँ कि शत्रुओं का संहार करने में समर्थ उस वीर योद्धा ने उस समय (जब द्यूतक्रीड़ा चल रही थी) मेरे सभी पुत्रों को नहीं मारा। | mahabharat अध्याय 5.51: भीमसेनके पराक्रमसे डरे हुए धृतराष्ट्रका विलाप । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संजयाचक्ष्व मे शूरं भीमसेनममर्षणम्।
अतिलाभं तु मन्येऽहं यत् तेन रिपुघातिना॥ १५॥
तदैव न हता: सर्वे पुत्रा मम मनस्विना।
अनुवाद
संजय! मुझे वीर भीमसेन का समाचार सुनाओ। मैं इसे अपना सबसे बड़ा सौभाग्य मानता हूँ कि शत्रुओं का संहार करने में समर्थ उस वीर योद्धा ने उस समय (जब द्यूतक्रीड़ा चल रही थी) मेरे सभी पुत्रों को नहीं मारा।
Sanjaya! Tell me the news of the valiant Bhimasena. I consider this to be the greatest blessing that that brave warrior, capable of killing his enemies, did not kill all my sons at that time (when the game of dice was going on).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥