Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.50.6: जिस प्रकार सूर्योदय के समय आकाश प्रज्वलित सूर्य का स्वागत करता है, उसी प्रकार समस्त पांचाल लोग कुंतीपुत्र युधिष्ठिर का स्वागत करते हैं, जो ऐसे प्रतीत होते हैं मानो प्रकाश की एक उज्ज्वल किरण उठ रही हो। | mahabharat अध्याय 5.50: संजयद्वारा युधिष्ठिरके प्रधान सहायकोंका वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस प्रकार सूर्योदय के समय आकाश प्रज्वलित सूर्य का स्वागत करता है, उसी प्रकार समस्त पांचाल लोग कुंतीपुत्र युधिष्ठिर का स्वागत करते हैं, जो ऐसे प्रतीत होते हैं मानो प्रकाश की एक उज्ज्वल किरण उठ रही हो।
Just as the sky welcomes the blazing Sun at sunrise, similarly, all the Panchala people welcome Yudhishthira, the son of Kunti, who appears as if a bright beam of light is rising.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥