Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.50.26-28: जिस वीर योद्धा ने भगवान श्रीकृष्ण के साथ जाकर पहले अग्निदेव को संतुष्ट करने के लिए पराक्रम दिखाया और उनके साथ युद्ध करने वाले देवराज इंद्र को भी परास्त कर दिया, जिसने युद्ध के द्वारा पर्वत पर शयन करने वाले और हाथ में त्रिशूल लिए हुए साक्षात देव महादेव उमापति को भी संतुष्ट कर दिया था तथा जिस वीर धनुर्धर ने समस्त लोकों को परास्त करके अपने वश में कर लिया था, उसी अर्जुन के बल पर पाण्डव युद्ध में तुम्हारा सामना करने के लिए तैयार हो गए हैं ॥26-28॥ | mahabharat अध्याय 5.50: संजयद्वारा युधिष्ठिरके प्रधान सहायकोंका वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस वीर योद्धा ने भगवान श्रीकृष्ण के साथ जाकर पहले अग्निदेव को संतुष्ट करने के लिए पराक्रम दिखाया और उनके साथ युद्ध करने वाले देवराज इंद्र को भी परास्त कर दिया, जिसने युद्ध के द्वारा पर्वत पर शयन करने वाले और हाथ में त्रिशूल लिए हुए साक्षात देव महादेव उमापति को भी संतुष्ट कर दिया था तथा जिस वीर धनुर्धर ने समस्त लोकों को परास्त करके अपने वश में कर लिया था, उसी अर्जुन के बल पर पाण्डव युद्ध में तुम्हारा सामना करने के लिए तैयार हो गए हैं ॥26-28॥
The brave warrior who first went with Lord Shri Krishna and performed bravery to satisfy Agnidev and defeated even the god king Indra who was fighting with him, who through the war had satisfied even the real god Mahadev Umapati, who was sleeping on the mountain and had a trident in his hands, and the brave archer who defeated all the people and brought them under his control, on the strength of the same Arjun, the Pandavas came to power. Ready to face you in battle. 26-28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥