Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.50.15: संजय ने कहा, "राजन्! मैं महारथी कुन्तीपुत्रों से मिला हूँ। वनवास के दौरान मत्स्यराज विराट के घर में रहने के कारण वे बहुत दुबले-पतले हो गये हैं।"   |   mahabharat अध्याय 5.50: संजयद्वारा युधिष्ठिरके प्रधान सहायकोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 50: संजयद्वारा युधिष्ठिरके प्रधान सहायकोंका वर्णन  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  5.50.15 
संजय उवाच
दृष्टवानस्मि राजेन्द्र कुन्तीपुत्रान् महारथान्।
मत्स्यराजगृहावासनिरोधेनावकर्शितान्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा, "राजन्! मैं महारथी कुन्तीपुत्रों से मिला हूँ। वनवास के दौरान मत्स्यराज विराट के घर में रहने के कारण वे बहुत दुबले-पतले हो गये हैं।"
 
Sanjaya said, "King! I have met the great warriors, the sons of Kunti. They have become very thin due to staying in the house of the Matsya King Virat during their exile." 15.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)