Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.49.39: जब धनंजय ने अकेले ही समस्त कौरवों पर आक्रमण करके उन्हें मूर्छित कर दिया और उनके वस्त्र छीन लिए, क्या उस समय कर्ण किसी परदेश में चला गया था ?॥ 39॥ | mahabharat अध्याय 5.49: भीष्मका दुर्योधनको संधिके लिये समझाते हुए श्रीकृष्ण और अर्जुनकी महिमा बताना एवं कर्णपर आक्षेप करना, कर्णकी आत्मप्रशंसा, भीष्मके द्वारा उसका पुन: उपहास एवं द्रोणाचार्यद्वारा भीष्मजीके कथनका अनुमोदन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब धनंजय ने अकेले ही समस्त कौरवों पर आक्रमण करके उन्हें मूर्छित कर दिया और उनके वस्त्र छीन लिए, क्या उस समय कर्ण किसी परदेश में चला गया था ?॥ 39॥
When Dhananjaya single-handedly attacked all the Kauravas, rendered them unconscious and took away their clothes, had Karna gone to some foreign land at that time?॥ 39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥