श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 49: भीष्मका दुर्योधनको संधिके लिये समझाते हुए श्रीकृष्ण और अर्जुनकी महिमा बताना एवं कर्णपर आक्षेप करना, कर्णकी आत्मप्रशंसा, भीष्मके द्वारा उसका पुन: उपहास एवं द्रोणाचार्यद्वारा भीष्मजीके कथनका अनुमोदन  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  5.49.13 
ततस्तौ शक्रमब्रूतां करिष्यावो यदिच्छसि।
ताभ्यां च सहित: शक्रो विजिग्ये दैत्यदानवान्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
तब नर और नारायण ऋषियों ने इन्द्र से कहा, ‘हे देवराज! आप जो चाहें, हम करेंगे।’ तब उन्हें साथ लेकर इन्द्र ने समस्त दैत्यों और दानवों पर विजय प्राप्त की॥13॥
 
Then the sages Nara and Narayan said to Indra, 'O Lord of the gods! We will do whatever you want.' Then taking them along with him, Indra conquered all the demons and devils.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)