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श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 49: भीष्मका दुर्योधनको संधिके लिये समझाते हुए श्रीकृष्ण और अर्जुनकी महिमा बताना एवं कर्णपर आक्षेप करना, कर्णकी आत्मप्रशंसा, भीष्मके द्वारा उसका पुन: उपहास एवं द्रोणाचार्यद्वारा भीष्मजीके कथनका अनुमोदन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.49.1 
वैशम्पायन उवाच
समवेतेषु सर्वेषु तेषु राजसु भारत।
दुर्योधनमिदं वाक्यं भीष्म: शान्तनवोऽब्रवीत्॥ १॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायन कहते हैं, 'भारत! वहाँ एकत्रित हुए समस्त राजाओं की सभा में शान्तनु नन्दन भीष्म ने दुर्योधन से यह बात कही।
 
Vaishmpayana says, 'Bharata! In the assembly of all those kings gathered there, Shantanu Nandan Bhishma said this to Duryodhan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)