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mahabharat 5.48.97: मैं कर्ण और धृतराष्ट्र के पुत्रों का वध करके सम्पूर्ण कुरुदेश को जीत लूँगा। अतः जो भी कर्तव्य तुम्हारे लिए शेष रह गए हैं, उन्हें पूरा करो। अपनी प्रिय पत्नियों के साथ अपने तेज के अनुसार भोग करो और अपने शरीर के लिए जो भी सुख चाहो, भोगो।॥ 97॥   |   mahabharat अध्याय 5.48: संजयका कौरवसभामें अर्जुनका संदेश सुनाना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 48: संजयका कौरवसभामें अर्जुनका संदेश सुनाना  »  श्लोक 97
 
 
श्लोक  5.48.97 
हत्वा त्वहं धार्तराष्ट्रान् सकर्णान्
राज्यं कुरूणामवजेता समग्रम्।
यद् व: कार्यं तत् कुरुध्वं यथास्व-
मिष्टान् दारानात्मभोगान् भजध्वम्॥ ९७॥
 
 
अनुवाद
मैं कर्ण और धृतराष्ट्र के पुत्रों का वध करके सम्पूर्ण कुरुदेश को जीत लूँगा। अतः जो भी कर्तव्य तुम्हारे लिए शेष रह गए हैं, उन्हें पूरा करो। अपनी प्रिय पत्नियों के साथ अपने तेज के अनुसार भोग करो और अपने शरीर के लिए जो भी सुख चाहो, भोगो।॥ 97॥
 
‘I shall kill Karna and the sons of Dhritarashtra and conquer the entire kingdom of Kurudesh. So whatever duties are left for you, complete them. Enjoy pleasures with your beloved wives according to your splendour and enjoy whatever pleasures you desire for your body.॥ 97॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)