Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.48.69: उस समय मैंने वज्रधारी इन्द्र को छोड़कर भगवान् कृष्ण को इस युद्ध में अपना सहायक चुना था। इस प्रकार मैंने कृष्ण को इन लुटेरों का वध करने के लिए प्राप्त किया है। ऐसा प्रतीत होता है कि देवताओं ने मेरे लिए ऐसी ही व्यवस्था की है॥ 69॥ | mahabharat अध्याय 5.48: संजयका कौरवसभामें अर्जुनका संदेश सुनाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वव्रे चाहं वज्रहस्तान्महेन्द्रा-
दस्मिन् युद्धे वासुदेवं सहायम्।
स मे लब्धो दस्युवधाय कृष्णो
मन्ये चैतद् विहितं दैवतैर्मे॥ ६९॥
अनुवाद
उस समय मैंने वज्रधारी इन्द्र को छोड़कर भगवान् कृष्ण को इस युद्ध में अपना सहायक चुना था। इस प्रकार मैंने कृष्ण को इन लुटेरों का वध करने के लिए प्राप्त किया है। ऐसा प्रतीत होता है कि देवताओं ने मेरे लिए ऐसी ही व्यवस्था की है॥ 69॥
At that time I had left the thunderbolt-wielding Indra and chosen Lord Krishna as my assistant in this war. In this way I have got Krishna to kill these robbers. It seems that the gods have made such arrangements for me.॥ 69॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥