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mahabharat 5.48.46: जब मेरे कहने पर शत्रुओं का संहार करने वाले महारथी सात्यकि शत्रुओं पर मेघ के समान बाणों की वर्षा करेंगे और प्रधान-प्रधान योद्धाओं को ढक लेंगे, तब दुर्योधन को युद्ध के परिणाम पर पश्चाताप होगा।   |   mahabharat अध्याय 5.48: संजयका कौरवसभामें अर्जुनका संदेश सुनाना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.48.46 
यदा शिनीनामधिपो मयोक्त:
शरै: परान् मेघ इव प्रवर्षन्।
प्रच्छादयिष्यत्यरिहा योधमुख्यां-
स्तदा युद्धं धार्तराष्ट्रोऽन्वतप्स्यत्॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
जब मेरे कहने पर शत्रुओं का संहार करने वाले महारथी सात्यकि शत्रुओं पर मेघ के समान बाणों की वर्षा करेंगे और प्रधान-प्रधान योद्धाओं को ढक लेंगे, तब दुर्योधन को युद्ध के परिणाम पर पश्चाताप होगा।
 
When, at my behest, Satyaki, the great warrior-killer of the enemy, showers his arrows like a cloud upon the enemies and covers the main warriors, then Duryodhan will regret the outcome of the war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)