Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.48.32: अभिमन्यु स्वयं भगवान श्रीकृष्ण के समान पराक्रमी और शस्त्रविद्या में निपुण है। वह शत्रु योद्धाओं का संहार करने में समर्थ है। जब वह मेघ के समान बाणों की वर्षा करता हुआ शत्रु सेना में प्रवेश करेगा, तब धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधन के मन में युद्ध के लिए अत्यन्त व्याकुलता उत्पन्न होगी॥ 32॥ | mahabharat अध्याय 5.48: संजयका कौरवसभामें अर्जुनका संदेश सुनाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अभिमन्यु स्वयं भगवान श्रीकृष्ण के समान पराक्रमी और शस्त्रविद्या में निपुण है। वह शत्रु योद्धाओं का संहार करने में समर्थ है। जब वह मेघ के समान बाणों की वर्षा करता हुआ शत्रु सेना में प्रवेश करेगा, तब धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधन के मन में युद्ध के लिए अत्यन्त व्याकुलता उत्पन्न होगी॥ 32॥
Abhimanyu is as valiant as Lord Krishna himself and is proficient in the art of weapons. He is capable of killing the enemy warriors. When he will enter the enemy army showering arrows like a cloud, then Dhritarashtra's son Duryodhana will be very agitated in his mind for the war.॥ 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥