Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.48.108: सुत! जो पाण्डव रणभूमि में इन्द्र आदि देवताओं को भी परास्त किए बिना चैन से नहीं बैठते, उन्हीं पाण्डवों से यह दुर्योधन हठपूर्वक युद्ध करना चाहता है। इसकी लोलुपता तो देखो॥108॥ | mahabharat अध्याय 5.48: संजयका कौरवसभामें अर्जुनका संदेश सुनाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये वैजय्या: समरे सूत लब्ध्वा
देवानपीन्द्रप्रमुखान् समेतान्।
तैर्मन्यते कलहं सम्प्रसह्य
स धार्तराष्ट्र: पश्यत मोहमस्य॥ १०८॥
अनुवाद
सुत! जो पाण्डव रणभूमि में इन्द्र आदि देवताओं को भी परास्त किए बिना चैन से नहीं बैठते, उन्हीं पाण्डवों से यह दुर्योधन हठपूर्वक युद्ध करना चाहता है। इसकी लोलुपता तो देखो॥108॥
Sut! The Pandavas, who would not rest till they defeat even Indra and other gods in the battlefield, this Duryodhan obstinately wants to fight with us, the same Pandavas. Just look at his greed.॥ 108॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥