Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.46.31: ईश्वर सूक्ष्मतम से भी सूक्ष्म है और शुद्ध मन वाला है। वह समस्त भूतों में अन्तर्यामी रूप से प्रकट है। केवल ज्ञानी पुरुष ही समस्त प्राणियों के हृदय कमल में स्थित परमपिता को जानते हैं। 31॥ | mahabharat अध्याय 5.46: परमात्माके स्वरूपका वर्णन और योगीजनोंके द्वारा उनके साक्षात्कारका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ईश्वर सूक्ष्मतम से भी सूक्ष्म है और शुद्ध मन वाला है। वह समस्त भूतों में अन्तर्यामी रूप से प्रकट है। केवल ज्ञानी पुरुष ही समस्त प्राणियों के हृदय कमल में स्थित परमपिता को जानते हैं। 31॥
God is subtler than the subtlest and has a pure mind. He is revealed internally in all the ghosts. Only knowledgeable people know the Supreme Father present in the lotus heart of all living beings. 31॥
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि सनत्सुजातपर्वणि षट्चत्वारिंशोऽध्याय:॥ ४६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत सनत्सुजातपर्वमें छियालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ४६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥