Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.46.11: वायु उसी पूर्ण ब्रह्म से उत्पन्न हुई है और उसी ब्रह्म में वह कार्य करती है। अग्नि और सोम उसी ब्रह्म से उत्पन्न हुए हैं और यह जीवन उसी ब्रह्म में व्याप्त है। | mahabharat अध्याय 5.46: परमात्माके स्वरूपका वर्णन और योगीजनोंके द्वारा उनके साक्षात्कारका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वायु उसी पूर्ण ब्रह्म से उत्पन्न हुई है और उसी ब्रह्म में वह कार्य करती है। अग्नि और सोम उसी ब्रह्म से उत्पन्न हुए हैं और यह जीवन उसी ब्रह्म में व्याप्त है।
Vayu has emerged from that Purna Brahma and it is in that Brahman that it functions. Agni and Soma have originated from that Brahman and this life has spread in that Brahman.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥