Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.46.1: सनत्सुजातजी कहते हैं - हे राजन! शुद्ध ब्रह्म महान प्रकाशवान, तेजस्वी और महान यश वाले हैं। सभी देवता उनकी पूजा करते हैं। सूर्य उनके प्रकाश से प्रकाशित होते हैं। योगीजन उस सनातन ईश्वर का साक्षात्कार करते हैं॥1॥ | mahabharat अध्याय 5.46: परमात्माके स्वरूपका वर्णन और योगीजनोंके द्वारा उनके साक्षात्कारका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सनत्सुजातजी कहते हैं - हे राजन! शुद्ध ब्रह्म महान प्रकाशवान, तेजस्वी और महान यश वाले हैं। सभी देवता उनकी पूजा करते हैं। सूर्य उनके प्रकाश से प्रकाशित होते हैं। योगीजन उस सनातन ईश्वर का साक्षात्कार करते हैं॥1॥
Sanatsujataji says - O King! The pure Brahma is the great luminous, radiant and of great fame. All the gods worship Him. The Sun shines with His light. Yogis have a vision of that eternal God.॥1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥