Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.45.7: इन्द्रियग्राह्य, त्याग और अपरिग्रह - ये अमृत की स्थिति वाले हैं। ये उन बुद्धिमान ब्राह्मणों के मुख्य साधन हैं जिनका मुख्य लक्ष्य ब्रह्म है। 7॥ | mahabharat अध्याय 5.45: गुण-दोषोंके लक्षणोंका वर्णन और ब्रह्मविद्याका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन्द्रियग्राह्य, त्याग और अपरिग्रह - ये अमृत की स्थिति वाले हैं। ये उन बुद्धिमान ब्राह्मणों के मुख्य साधन हैं जिनका मुख्य लक्ष्य ब्रह्म है। 7॥
Indriangraha, renunciation and non-guilt - these have the state of nectar. These are the main means of those intelligent Brahmins whose main goal is Brahma. 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥