Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.42.40: यदि कोई इस संसार की कामनाओं को पूर्ण करने वाले समस्त देवताओं को जान भी ले, तो भी वह ब्रह्मवेत्ता के समान नहीं है; क्योंकि वह केवल अपने इच्छित फल की प्राप्ति के लिए ही प्रयत्नशील रहता है ॥40॥ | mahabharat अध्याय 5.42: सनत्सुजातजीके द्वारा धृतराष्ट्रके विविध प्रश्नोंका उत्तर । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि कोई इस संसार की कामनाओं को पूर्ण करने वाले समस्त देवताओं को जान भी ले, तो भी वह ब्रह्मवेत्ता के समान नहीं है; क्योंकि वह केवल अपने इच्छित फल की प्राप्ति के लिए ही प्रयत्नशील रहता है ॥40॥
Even if someone knows all the gods who fulfill the desires of this world, he is still not equal to Brahmavetta; Because he is only trying to achieve his desired result. 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥