श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 41: विदुरजीके द्वारा स्मरण करनेपर आये हुए सनत्सुजात ऋषिसे धृतराष्ट्रको उपदेश देनेके लिये उनकी प्रार्थना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.41.9 
स चैनं प्रतिजग्राह विधिदृष्टेन कर्मणा।
सुखोपविष्टं विश्रान्तमथैनं विदुरोऽब्रवीत्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
विदुर ने शास्त्रानुसार पाद्य, अर्घ्य और मधुपर्क आदि देकर उनका स्वागत किया। इसके बाद जब वे सुखपूर्वक बैठकर विश्राम करने लगे, तब विदुर ने उनसे कहा-॥9॥
 
Vidur welcomed him by offering Padya, Arghya and Madhupark etc. according to the scriptures. After this, when they sat down happily and started resting, then Vidur said to them -॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)