धृतराष्ट्र बोले, "विदुर! क्या तुम उस सत्य को नहीं जानते जो सनातन ऋषि मुझे पुनः बताएँगे? यदि तुम्हारी बुद्धि कुछ काम की हो, तो तुम ही मुझे उपदेश दो।" ॥4॥
Dhritarashtra said, "Vidur! Do you not know the truth which the Sanatan Rishi will tell me again? If your wisdom is of any use, then you yourself should teach me." ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥