Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.40.22: जन्म-मरण रूपी इस संसार नदी के कठिन प्रवाह को, काम-क्रोध रूपी कामनाओं से युक्त, पाँचों इन्द्रियों के जल से परिपूर्ण, धैर्य रूपी नाव के रूप में पार कर लो॥22॥ | mahabharat अध्याय 5.40: धर्मकी महत्ताका प्रतिपादन तथा ब्राह्मण आदि चारों वर्णोंके धर्मका संक्षिप्त वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जन्म-मरण रूपी इस संसार नदी के कठिन प्रवाह को, काम-क्रोध रूपी कामनाओं से युक्त, पाँचों इन्द्रियों के जल से परिपूर्ण, धैर्य रूपी नाव के रूप में पार कर लो॥22॥
Cross the difficult flow of this world river in the form of birth and death, full of desires in the form of lust and anger, full of the waters of the five senses, as a boat of patience. 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥