Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.4.26: दुर्योधन से क्या कहना है? शांतनुपुत्र भीष्म से कैसे बात करनी है? धृतराष्ट्र को क्या संदेश देना है? और महारथियों में श्रेष्ठ द्रोणाचार्य से कैसे बात करनी है? उन्हें यह सब समझाओ। | mahabharat अध्याय 5.4: राजा द्रुपदकी सम्मति । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दुर्योधन से क्या कहना है? शांतनुपुत्र भीष्म से कैसे बात करनी है? धृतराष्ट्र को क्या संदेश देना है? और महारथियों में श्रेष्ठ द्रोणाचार्य से कैसे बात करनी है? उन्हें यह सब समझाओ।
What to say to Duryodhan? How to talk to Shantanu's son Bhishma? What message to give to Dhritarashtra? And how to talk to Dronacharya, the best among charioteers? Explain all this to him.
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि सेनोद्योगपर्वणि द्रुपदवाक्ये चतुर्थोऽध्याय:॥ ४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत सेनोद्योगपर्वमें द्रुपदवाक्यविषयक चौथा अध्याय पूरा हुआ॥ ४॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥