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mahabharat 5.39.9: धृतराष्ट्र बोले - विदुर ! आप जो कुछ कह रहे हैं, उसका परिणाम कल्याणकारी है; बुद्धिमान लोग उसका अनुमोदन करते हैं। यह भी सत्य है कि धर्म जिस पक्ष में होता है, वही विजय प्राप्त करता है, किन्तु फिर भी मैं अपने पुत्र का परित्याग नहीं कर सकता ॥ 9॥   |   mahabharat अध्याय 5.39: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीका नीतियुक्त उपदेश   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 39: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीका नीतियुक्त उपदेश  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.39.9 
धृतराष्ट्र उवाच
सर्वं त्वमायतीयुक्तं भाषसे प्राज्ञसम्मतम्।
न चोत्सहे सुतं त्यक्तुं यतो धर्मस्ततो जय:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र बोले - विदुर ! आप जो कुछ कह रहे हैं, उसका परिणाम कल्याणकारी है; बुद्धिमान लोग उसका अनुमोदन करते हैं। यह भी सत्य है कि धर्म जिस पक्ष में होता है, वही विजय प्राप्त करता है, किन्तु फिर भी मैं अपने पुत्र का परित्याग नहीं कर सकता ॥ 9॥
 
Dhritarashtra said - Vidur! Whatever you are saying is beneficial in its outcome; wise people approve of it. It is also true that the side which has Dharma on its side wins, but even then I cannot abandon my son.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)