Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.39.16-17h: वैसे विद्वान् पुरुष को नीच, क्रूर और मूर्ख लोगों की संगति का पूरी तरह विचार करके उनसे दूर ही रहना चाहिए । 16 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 5.39: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीका नीतियुक्त उपदेश   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 39: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीका नीतियुक्त उपदेश  »  श्लोक 16-17h
 
 
श्लोक  5.39.16-17h 
तादृशै: संगतं नीचैर्नृशंसैरकृतात्मभि:॥ १६॥
निशम्य निपुणं बुद्धॺा विद्वान् दूराद् विवर्जयेत्।
 
 
अनुवाद
वैसे विद्वान् पुरुष को नीच, क्रूर और मूर्ख लोगों की संगति का पूरी तरह विचार करके उनसे दूर ही रहना चाहिए । 16 1/2॥
 
By the way, a learned man, after fully considering the association with despicable, cruel and non-sensical people, should avoid them from a distance. 16 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)