Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.39.15-16h: फिर वह दुष्ट मनुष्य दूसरों की निन्दा करने लगता है, तथा छोटा-सा अपराध होने पर भी आसक्ति के कारण दूसरों का नाश करने का प्रयत्न करने लगता है। उसे तनिक भी शान्ति नहीं मिलती ॥15 1/2॥ | mahabharat अध्याय 5.39: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीका नीतियुक्त उपदेश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
फिर वह दुष्ट मनुष्य दूसरों की निन्दा करने लगता है, तथा छोटा-सा अपराध होने पर भी आसक्ति के कारण दूसरों का नाश करने का प्रयत्न करने लगता है। उसे तनिक भी शान्ति नहीं मिलती ॥15 1/2॥
Then that wicked man tries to defame others, and on committing even a small crime, out of attachment, he starts efforts to destroy others. He does not get even a little peace. ॥15 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥