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mahabharat 5.38.47: अतः तुम शीघ्र ही देखोगे कि धन के मद में चूर होकर मूर्ख दुर्योधन इस राज्य से उसी प्रकार गिर जायेगा, जैसे बाली तीनों लोकों के साम्राज्य से गिर गया था।   |   mahabharat अध्याय 5.38: विदुरजीका नीतियुक्त उपदेश   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 38: विदुरजीका नीतियुक्त उपदेश  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  5.38.47 
तं द्रक्ष्यसि परिभ्रष्टं तस्मात् त्वमचिरादिव।
ऐश्वर्यमदसम्मूढं बलिं लोकत्रयादिव॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
अतः तुम शीघ्र ही देखोगे कि धन के मद में चूर होकर मूर्ख दुर्योधन इस राज्य से उसी प्रकार गिर जायेगा, जैसे बाली तीनों लोकों के साम्राज्य से गिर गया था।
 
Therefore you will very soon see that Duryodhana, foolish due to the intoxication of wealth, being dethroned from this kingdom just like Bali who fell from the empire of the three worlds.
 
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि प्रजागरपर्वणि विदुरवाक्ये अष्टात्रिंशोऽध्याय:॥ ३८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत प्रजागरपर्वमें विदुरवाक्यविषयक अड़तीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३८॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)