Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.38.31: बुद्धिमान व्यक्ति को मूर्खों द्वारा फैलाए गए व्यर्थ के झगड़ों को त्याग देना चाहिए। ऐसा करने से उसे संसार में यश मिलता है और उसे विपत्ति का सामना नहीं करना पड़ता। | mahabharat अध्याय 5.38: विदुरजीका नीतियुक्त उपदेश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
निरर्थं कलहं प्राज्ञो वर्जयेन्मूढसेवितम्।
कीर्तिं च लभते लोके न चानर्थेन युज्यते॥ ३१॥
अनुवाद
बुद्धिमान व्यक्ति को मूर्खों द्वारा फैलाए गए व्यर्थ के झगड़ों को त्याग देना चाहिए। ऐसा करने से उसे संसार में यश मिलता है और उसे विपत्ति का सामना नहीं करना पड़ता।
A wise man should give up the useless quarrels served by fools. By doing so, he gets fame in the world and does not have to face disaster.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥