यस्मिन् यथा वर्तते यो मनुष्य-
स्तस्मिंस्तथा वर्तितव्यं स धर्म:।
मायाचारो मायया वर्तितव्य:
साध्वाचार: साधुना प्रत्युपेय:॥ ७॥
अनुवाद
जो व्यक्ति किसी के साथ वैसा ही व्यवहार करता है, वैसा ही उसके साथ करना चाहिए - यही नैतिक कर्तव्य है। जो व्यक्ति छलपूर्वक व्यवहार करता है, उसके साथ छलपूर्वक व्यवहार करना चाहिए और जो व्यक्ति अच्छा व्यवहार करता है, उसके साथ अच्छे व्यवहार करना चाहिए ॥7॥
One should treat a person in the same way as he treats one - this is the moral duty. One should treat a person who behaves deceitfully in a deceitful manner and one should treat a person who behaves well in a good manner. ॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥