Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.37.48: जो व्यक्ति सम्पूर्ण ऐश्वर्य प्राप्त करना चाहता है, उसे पहले धर्म का पालन करना चाहिए। जिस प्रकार स्वर्ग से अमृत को अलग नहीं किया जा सकता, उसी प्रकार धर्म से ऐश्वर्य को भी अलग नहीं किया जा सकता। 48. | mahabharat अध्याय 5.37: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीका हितोपदेश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अर्थसिद्धिं परामिच्छन् धर्ममेवादितश्चरेत्।
न हि धर्मादपैत्यर्थ: स्वर्गलोकादिवामृतम्॥ ४८॥
अनुवाद
जो व्यक्ति सम्पूर्ण ऐश्वर्य प्राप्त करना चाहता है, उसे पहले धर्म का पालन करना चाहिए। जिस प्रकार स्वर्ग से अमृत को अलग नहीं किया जा सकता, उसी प्रकार धर्म से ऐश्वर्य को भी अलग नहीं किया जा सकता। 48.
One who wants to achieve complete wealth must first follow Dharma. Just as Amrit (nectar) cannot be separated from heaven, similarly wealth cannot be separated from Dharma. 48.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥