Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.37.46: बाघों के बिना जंगलों की रक्षा नहीं की जा सकती और जंगलों के बिना बाघ जीवित नहीं रह सकते; क्योंकि बाघ जंगलों की रक्षा करते हैं और जंगल बाघों की रक्षा करते हैं। | mahabharat अध्याय 5.37: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीका हितोपदेश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न स्याद् वनमृते व्याघ्रान् व्याघ्रा न स्युर्ऋते वनम्।
वनं हि रक्ष्यते व्याघ्रैर्व्याघ्रान् रक्षति काननम्॥ ४६॥
अनुवाद
बाघों के बिना जंगलों की रक्षा नहीं की जा सकती और जंगलों के बिना बाघ जीवित नहीं रह सकते; क्योंकि बाघ जंगलों की रक्षा करते हैं और जंगल बाघों की रक्षा करते हैं।
Without tigers the forests cannot be protected and without forests tigers cannot survive; because tigers protect the forests and the forests protect the tigers.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥