Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.37.45: हे राजन! आपके पुत्र वन के समान हैं और पाण्डव उसमें रहने वाले व्याघ्र हैं। कृपया व्याघ्रों सहित सम्पूर्ण वन को नष्ट न करें और उन व्याघ्रों को वन से बाहर न भगाएँ।॥45॥ | mahabharat अध्याय 5.37: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीका हितोपदेश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धार्तराष्ट्रा वनं राजन् व्याघ्रा: पाण्डुसुता मता:।
मा वनं छिन्धि सव्याघ्रं मा व्याघ्रान् नीनशन् वनात्॥ ४५॥
अनुवाद
हे राजन! आपके पुत्र वन के समान हैं और पाण्डव उसमें रहने वाले व्याघ्र हैं। कृपया व्याघ्रों सहित सम्पूर्ण वन को नष्ट न करें और उन व्याघ्रों को वन से बाहर न भगाएँ।॥45॥
O King! Your sons are like the forest and the Pandavas are the tigers living in it. Please do not destroy the entire forest along with the tigers and do not drive those tigers away from the forest. ॥ 45॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥