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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 37: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीका हितोपदेश
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श्लोक 44
श्लोक
5.37.44
तव पुत्रशतं चैव कर्ण: पञ्च च पाण्डवा:।
पृथिवीमनुशासेयुरखिलां सागराम्बराम्॥ ४४॥
अनुवाद
आपके सौ पुत्र, कर्ण और पाँचों पाण्डव - ये सब मिलकर समुद्रपर्यन्त सम्पूर्ण पृथ्वी पर शासन कर सकते हैं ॥ 44॥
Your hundred sons, Karna and the five Pandavas - all of them together can rule the entire earth up to the sea. ॥ 44॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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