Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.37.40: जो कुछ भी समस्त प्राणियों के लिए हितकर और अपने लिए सुखदायी हो, उसे भगवान को अर्पण करने की भावना से करना चाहिए; यही समस्त सिद्धियों का मूल मंत्र है ॥40॥ | mahabharat अध्याय 5.37: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीका हितोपदेश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो कुछ भी समस्त प्राणियों के लिए हितकर और अपने लिए सुखदायी हो, उसे भगवान को अर्पण करने की भावना से करना चाहिए; यही समस्त सिद्धियों का मूल मंत्र है ॥40॥
Whatever is beneficial to all beings and pleasant for oneself, one should do it with the intention of offering it to God; this is the basic mantra of all attainments. ॥ 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥