जो कुछ भी समस्त प्राणियों के लिए हितकर और अपने लिए सुखदायी हो, उसे भगवान को अर्पण करने की भावना से करना चाहिए; यही समस्त सिद्धियों का मूल मंत्र है ॥40॥
Whatever is beneficial to all beings and pleasant for oneself, one should do it with the intention of offering it to God; this is the basic mantra of all attainments. ॥ 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥