Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.37.33: जो मनुष्य प्रतिदिन स्नान करता है, उसे बल, सौन्दर्य, मधुर वाणी, उज्ज्वल रंग, कोमलता, सुगन्ध, पवित्रता, लावण्य, सुन्दरता और सुन्दर स्त्रियाँ – ये दस लाभ प्राप्त होते हैं ॥33॥ | mahabharat अध्याय 5.37: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीका हितोपदेश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गुणा दश स्नानशीलं भजन्ते
बलं रूपं स्वरवर्णप्रशुद्धि:।
स्पर्शश्च गन्धश्च विशुद्धता च
श्री: सौकुमार्यं प्रवराश्च नार्य:॥ ३३॥
अनुवाद
जो मनुष्य प्रतिदिन स्नान करता है, उसे बल, सौन्दर्य, मधुर वाणी, उज्ज्वल रंग, कोमलता, सुगन्ध, पवित्रता, लावण्य, सुन्दरता और सुन्दर स्त्रियाँ – ये दस लाभ प्राप्त होते हैं ॥33॥
A person who takes bath daily gets strength, beauty, sweet voice, bright complexion, softness, fragrance, purity, grace, beauty and beautiful women – these are the ten benefits. 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥